कैंसर से लड़ाई में सर्जरी अब भी सबसे अहम उपाय


कैंसर से लड़ाई में सर्जरी अब भी सबसे अहम उपाय

 भारत में कैंसर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, 2022 में देश में 14.6 लाख से ज़्यादा नए कैंसर के मामले सामने आए थे, और 2025 तक ये संख्या 15.7 लाख तक पहुँचने की उम्मीद है। इलाज के कई तरीके जैसे कीमोथेरेपी, रेडिएशन और इम्यूनोथेरेपी आने के बावजूद, सर्जरी आज भी कैंसर के इलाज का सबसे मजबूत और असरदार तरीका है।
सर्जरी का मकसद ट्यूमर यानी कैंसर के गाँठ को शरीर से निकालना होता है। अगर कैंसर शरीर के किसी एक हिस्से तक ही सीमित हो और समय पर पकड़ में आ जाए, तो सर्जरी से पूरा ठीक होने की संभावना रहती है। जब ट्यूमर शुरुआती स्टेज पर पकड़ में आता है और उसे सर्जरी से हटा दिया जाता है, तो बीमारी के फैलने से पहले ही उसे रोकना मुमकिन हो जाता है, जिससे मरीज़ की लंबी उम्र की संभावना बढ़ जाती है।

डॉ. प्रवीन मेंदीरत्ता, जो यथार्थ अस्पताल, ग्रेटर नोएडा में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के हेड हैं, बताते हैं, "कैंसर के इलाज में सर्जरी एक ऐसा उपाय है जो ना सिर्फ बीमारी को जड़ से हटाने में मदद करता है, बल्कि मरीज़ की जिंदगी की क्वालिटी को भी बेहतर बनाता है। सही समय पर सही इलाज से कैंसर से जीतने के मौके काफी बढ़ जाते हैं।"

सिर्फ बीमारी ठीक करना ही नहीं, बल्कि मरीज़ का आराम और जीवन की क्वालिटी बेहतर करना भी सर्जरी का मकसद होता है। अगर ट्यूमर किसी जरूरी अंग को दबा रहा हो, खून बहा रहा हो या तेज दर्द दे रहा हो, तो उसे हटाकर मरीज को काफी राहत दी जा सकती है, चाहे कैंसर एडवांस स्टेज में ही क्यों ना हो।

आज सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में काफी तरक्की हो चुकी है। अब ऐसे नए तरीके आ गए हैं जिनसे इलाज कम तकलीफदेह होता है और मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी जैसे तरीकों से शरीर में छोटे कट लगते हैं, जिससे इन्फेक्शन का खतरा कम होता है और रिकवरी जल्दी होती है।

अगर कैंसर एडवांस स्टेज में भी हो, तब भी सर्जरी कई बार जरूरी बन जाती है। भले ही इससे बीमारी पूरी तरह से ठीक ना हो, लेकिन ट्यूमर हटाने से दर्द और तकलीफ कम हो सकती है, और मरीज़ की रोज़मर्रा की ज़िंदगी आसान हो सकती है।

अक्सर सर्जरी के साथ कीमोथेरेपी या रेडिएशन जैसे इलाज भी मिलाकर किए जाते हैं। जैसे ट्यूमर को निकालने के बाद, बाकी बचे कैंसर सेल्स को खत्म करने के लिए कीमोथेरेपी दी जाती है। इससे इलाज का असर और बेहतर होता है और बीमारी के वापस आने का खतरा भी घटता है।
हर कैंसर में सर्जरी जरूरी नहीं होती। ये इस पर निर्भर करता है कि कैंसर किस टाइप का है, शरीर के किस हिस्से में है, कितनी स्टेज पर है और मरीज़ की सेहत कैसी है। अगर कैंसर बहुत फैल चुका हो या सर्जरी से ज़्यादा खतरा हो, तो डॉक्टर दूसरे विकल्प सुझा सकते हैं।

लेकिन जहां सर्जरी मुमकिन होती है, वहां यह आज भी कैंसर से लड़ने का सबसे सीधा और असरदार तरीका है। सर्जरी कोई गारंटी नहीं देती, लेकिन कई बार ये बीमारी से लंबे समय तक छुटकारा दिलाने का सबसे अच्छा जरिया बन जाती है।

आने वाले समय में भी सर्जरी कैंसर इलाज का अहम हिस्सा बनी रहेगी। मेडिकल टेक्नोलॉजी में लगातार सुधार हो रहा है, जैसे ऑपरेशन के दौरान इमेजिंग तकनीक, जेनेटिक टेस्टिंग और टार्गेटेड थेरेपी, जिनसे सर्जरी और ज्यादा सटीक और असरदार बन रही है।

जैसे-जैसे सर्जिकल तकनीक और आगे बढ़ेंगी, इलाज और भी बेहतर होगा और मरीजों को ज्यादा फायदा मिलेगा। कैंसर का सामना कर रहे हर व्यक्ति के लिए जरूरी है कि वह समय पर किसी सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट से सलाह ले, ताकि इलाज के सबसे अच्छे विकल्पों के बारे में जानकारी मिल सके और जिंदगी बचाने का मौका बढ़ सके।

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