अखंड ब्राह्मण सेवा समिति की बैठक तथा वृक्षारोपण पेड़ लगाए, पेड़ बचाए, सांसों को बढ़ाएं - कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा शिवपुरी - पंचतत्व (क्षिति जल,पावक, गगन, वायु ) को सुरक्षित रखने के लिए वृक्षारोपण करना बहुत जरूरी है। पेड़ होंगे तो शुद्ध वायु के द्वारा मजबूत फेफड़े होंगे, हमारी सांसे लंबी होगी, जीवन स्वस्थ होगा। इसलिए "पेड़ लगाए हम, सांसों को बढ़ाएं हम"। यह शब्द अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष के जिला अध्यक्ष कैप्टन चंद्र प्रकाश शर्मा ने हाथीखाना में पेड़ लगाते हुए कहे। कैप्टन चंद्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि आजकल हम पेड़ काटते हैं, तोड़ते हैं, लगाते नहीं है । मगर फल चाहिए, फूल चाहिए, छाया चाहिए, शुद्ध हवा चाहिए, कहां से लाओगे। पर्यावरण को शुद्ध रखना हम सबका कर्तव्य है। पर्यावरण में जो जहरीला प्रदूषण फैलता है , वह प्रदूषण मानव और अन्य जीव जंतुओं के लिए हानिकारक होता है । पर्यावरण प्रदूषण, औद्योगीकरण से निकलने वाला...
झांसी आज अयोध्या में राम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा होने व गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर अग्रनारी क्लब की ओर से कामिनी अग्रवाल के नेतृत्व में सीपरी बाजार स्थित श्री रघुनाथ जी के मंदिर के प्रांगण से शरबत का वितरण किया गया है ।इस अवसर पर क्लब की वन्दना, आशा, कविता, रीना, रेनू, अंजू, ममता, , दीपा, किरन, दिव्यलता, कीर्ति,रूपाली,मेघा आकांक्षा, रीता,माला, रश्मि , सुनीता, अलका, ऊषा,शालू , आदि उपस्थित रहीं विशेष सहयोग मंदिर के आचार्य कैलाश नारायण पाठक,नरेश अग्रवाल एंव श्रीकांत का रहा । अंत में सभी के प्रति आभार क्लब की महामंत्री सुनीता अग्रवाल द्वारा व्यक्त किया गया
* *विश्व पर्यावरण दिवस एवं गंगा दशहरा के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण संगोष्ठी एवं शरबत वितरण* झांसी आज दिनांक 05/06/2025, जायसवाल महिला क्लब के तत्वाधान में श्रीमती रूबी शिवहरे की अध्यक्षता एवं श्रीमती अंजू गुप्ता अवधेश शिवहरे प्रदेश अध्यक्ष जायसवाल महिला क्लब उत्तर प्रदेश के आतिथ्य में विश्व पर्यावरण दिवस एवं गंगा दशहरा के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण संगोष्ठी एवं शरबत वितरण का आयोजन खड़े हनुमान जी मंदिर आतिंया तालाब झांसी पर किया गया। सर्वप्रथम हनुमान जी की आरती भोग प्रसाद के साथ शरबत वितरण एवं पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी जिसमें मुख्य अतिथि श्रीमती अंजू गुप्ता शिवहरे द्वारा अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने पर्यावरण के महत्व को समझते हुए हमेशा ही इसके संरक्षण पर विशेष जोर दिया है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विकास की अंधी दौड़ में सबसे ज्यादा हानि पर्यावरण को हुई है, जिससे भविष्य में मानव जीवन के अस्तित्व पर खतरा बढ़ गया है। अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए अभी से सजग रहकर पृथ्वी, जल एवं वाय...
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